Russia ने iran को भेजा ऐसा fighter jet की israil के साथ अमेरिका में भी हल्ला हो गया


पुतिन ने भेजा खामेनेई को शैतान, इजरायल का अस्तित्व खतरे में! रूस ने ईरान को दिया अपना सबसे खतरनाक फाइटर जेट। अब इजरायल के खिलाफ और ताकतवर हो जाएगा ईरान! क्या ईरान इस फाइटर जेट से इजरायल को निशाना बना सकता है? आखिर ऐसा क्या खास है इस फाइटर जेट में? जानने के लिए article को अंत तक जरूर padhein । ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने रूस के साथ फाइटर जेट्स की एक डील फाइनल कर ली है। अब इरान की सेना में शामिल होने वाला है और रूस का सबसे खतरनाक फाइटर जेट सुखोई और इसके साथ ही शामिल होंगे ट्रेनर जेट्स जो कि ईरान की एयरफोर्स की ताकत को कई गुना बढ़ा देंगे। ईरान की इस डील से जहां ईरान की सेना में खुशी की लहर है वहीं इजरायल और अमेरिका के माथे पर चिंता की रेखाएं उभर आई हैं। इस डील में सुखोई थर्टी, फाइव फाइटर जेट्स, एमआई हेलिकॉप्टर्स और याक व थर्टी जेट ट्रेनर्स शामिल हैं।

ईरान को जल्द ही यह डिलिवरी मिल जाएगी। रूस के साथ इस डील से ईरान की एयरफोर्स की ताकत में काफी इजाफा हो जाएगा। दोस्तों अभी की बात करें तो ईरान की एयरफोर्स के पास केवल कुछ दर्जन स्ट्राइक विमान हैं जिनमें रूसी जेट्स के साथ साथ की इस्लामी क्रांति से पहले हासिल किए गए पुराने अमेरिकी मॉडल के फोर और फाइव फाइटर जेट्स हैं। इसके अलावा उनके पास चीन के भी कुछ एयरक्राफ्ट हैं जिनमें एफ वन शामिल है। रूसी हेलिकॉप्टर्स का मिलना ईरान की सेना के लिए काफी अच्छा और सफल फैसला साबित हो सकता है। इरान के लिए ईरान फिलहाल पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते सैन्य ताकत बढ़ाने में कई मुश्किलों से घिरा हुआ है। इजरायल,

सऊदी अरब, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश ईरान को अडवांस्ड मिलिट्री हार्डवेयर न देने की वकालत करते रहे हैं। इनको डर है कि मजबूत ईरान पश्चिमी एशिया में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में ईरान की इन हथियारों से बढ़ी ताकत पूरे क्षेत्र में असर डाल सकती है और इसीलिए इजरायल और अमेरिका के माथे पर पसीने की बूंदें छलकने लगी हैं। दोस्तों चलिए देखते हैं कि ऐसा क्या खास है इन फाइटर जेट्स में जिसकी वजह से अमेरिका और इजरायल इतने परेशान हैं। पहले बात करते हैं सुखोई थर्टी फाइव की। सुखोई थर्टी फाइव में डिजिटल कॉम्प्लेक्स है जो सस्ते अन गाइडेड बमों का इस्तेमाल करके काफी सटीक हमला करा सकता है। सुखोई सेवेन फाइटर्स का एक वेरियंट है। यह कई एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस है।

सुखोई थर्टी फाइव एक फोर पॉइंट फाइव पीढ़ी का प्लेन है जो पांचवी पीढ़ी की फाइटर टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है। सुखोई फाइव फाइटर जेट्स सुपरसॉनिक स्पीड से इनकी आवाज की गति से भी तेज गति से लंबी दूरी तक उड़ान भरने में सक्षम है। एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से भी लैस है। कहा जा रहा है कि रूस ने ईरान को सुखोई उसके काम के ड्रोन के बदले में दिया है। यूक्रेन में तबाही मचाने में ईरान के शाहिद ड्रोन ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। बात करते हैं एमआई आठ हेलिकॉप्टर्स की। यह टू सीटर एंटी आर्मर अटैक हेलीकॉप्टर है, जिसमें कोई भी सेकेंडरी ट्रांसपोर्ट कैपेबिलिटी नहीं है। यह एमआई फोर गनशिप के साथ मिलकर और भी खतरनाक हो जाता है। इसमें अंडर नौ बार बैट में एक ही बंदूक होती है। साथ ही स्टब विंग्स के नीचे पायलट पर एक्स्ट्रा लोड भी रखा जा सकता !

यह हेलिकॉप्टर रात में भी अच्छी तरह से उड़ान भर सकते हैं। ये हेलिकॉप्टर सिक्स टीके, बीयर टू ग्राउंड मिसाइल्स और आठ शॉर्ट रेंज एल गाला मैन पोर्टेबल सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम को कैरी कर सकता है। ये दो स्ट्रीट लाइट्स एयर टू एयर मिसाइल, एटीएम एम और वन थर्टी एम एस थर्टीन रॉकेट पॉड्स, बीएच बीटीओए, रॉकेट पोर्ट के साथ एसेट और बी एल वन से भी लैस है। इसके अलावा इसमें थर्टी एमएम की टू फोर टू तोप भी लगाई गई है। यह आग और दूसरी कई तरह की दुर्घटनाओं से भी सुरक्षित बाहर निकल सकता है। ईरान का ये हेलिकॉप्टर इजरायल और अमेरिका के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। चलिये बात करते हैं याक वन थ्री जीरो की। यह दो सीट वाला दो इंजन वाला एडवांस जेट ट्रेनर प्लेन है।

इसमें सेकेंड्री लाइट अटैक कैपेबिलिटी होती है। ये अंडर विंग और विंग ट्रिप पायलट से लैस है। इसमें रॉकेट पॉड, हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मशीन गन, तोपें, गाइडेड और अन्य गाइडेड मिसाइल के लिए नाइन हार्ड प्वाइंट्स है। इसमें अधिकतम टेकऑफ वजन तीन हज़ार किलोग्राम, अधिकतम स्पीड 572 किलोमीटर पर और रेंज वन सिक्स जीरो जीरो किलोमीटर से 1600 किलोमीटर। सर्विस सीलिंग 40,000 फीट और तीन घंटे की एंड्यूरेंस के साथ साथ कई दूसरे ऑप्शंस भी अवेलेबल हैं। मतलब साफ है कि ईरान की सेना अपनी ताकत कई गुना बढ़ा चुकी है। इसीलिए वह इजरायल और अमेरिका को आंखें दिखा भी रहा है। हथियारों की डील ईरान के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। ईरान पर यूनाइटेड नेशन ने लंबे समय तक कन्वेंशनल वेपन्स खरीदने को लेकर पाबंदी लगा रखी थी।

ये पाबंदी अक्टूबर 2 हज़ार 20 में खत्म हो गई। इसके बाद रूस और ईरान के बीच ये डील शुरू हो गई। दोनों देश फाइटर जेट्स के साथ ही कई मिलिट्री हार्डवेयर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल सिस्टम और हेलिकॉप्टर्स को लेकर भी इसकी डील हुई है। इस समय इजरायल और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। तब ईरान का इस तरह हथियार खरीदना साबित करता है कि उसके इरादे ठीक नहीं हैं। ये सभी हथियार एक झटके में इजरायल को बड़ा घाव दे सकते हैं क्योंकि इनकी रेंज में इजरायल का हर हिस्सा आज जाएगा। ऐसे में इजरायल। मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं क्योंकि अगर ईरान कहीं सीधे जंग में उतर आया तो ईरान के इन हथियारों का मुकाबला इजरायल को ही करना पड़ेगा। वहीं इजराइल हिजबुल्ला और हूती के साथ हमास को भी हथियार सप्लाई करता है। ऐसे में वह भी इन हथियारों का इस्तेमाल इजरायल के खिलाफ कर सकते हैं।

कुल मिलाकर यह सौदा ईरान के लिए भले ही फायदेमंद हो, लेकिन इजरायल के लिए काफी बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है। दोस्तों ईरान और रूस लगातार इजरायल को लेकर आक्रामक होते जा रहे हैं। ईरान तो इस जंग की शुरुआत से ही इजरायल को लगातार धमकी पर धमकी दे रहा है लेकिन अब रूस भी इस काम में ईरान के नक्शे कदम पर चल पड़ा है। दरअसल रूस ने भी इजरायल के द्वारा सीरिया के एयरपोर्ट पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की और इसके नतीजे के लिए इजरायल को फोन भी किया। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि इजरायल की इस हरकत से यह जंग मिडिल ईस्ट के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकती है। रूस ने सीरिया के मस्कट एयरपोर्ट पर इजरायली हमले का खुलकर विरोध किया।

उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले करके इजरायल सीरिया को उकसा रहा है कि वह उस पर बचाव में हमला करे और इजरायल को सीरिया को तहस नहस करने का एक और मौका मिल जाए। रूस के रक्षामंत्री ने कहा कि इजरायल के इस तरह के हमलों से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ सकता है जो कि आगे चलकर जंग की आग में भी बदल सकता है। रूस की स्पोक्सपर्सन मारिया जाखड़ों ने कहा कि क्षेत्र पहले से ही जल रहा है और इजरायल की इस हरकत ने आग में घी का काम कर दिया है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी कड़े शब्दों में इजरायल को कहा कि वह एयरपोर्ट पर किए जा रहे इजरायल के हमले के सख्त खिलाफ है और वह इसका कड़ा विरोध करते हैं। इजरायल के इस कदम से समस्या और गंभीर हो सकती है।

वहीं सीरिया की तरफ से बयान आया कि इजरायल ने एक के बाद एक कई मिसाइल सीरिया के ऊपर दागे हैं, लेकिन उसकी ज्यादातर मिसाइलों को सीरिया के एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया। लेकिन मस्कट एयरपोर्ट पर हुए हमले की वजह से एयरपोर्ट को आउट ऑफ सर्विस घोषित करना पड़ा और वहां आने जाने वाली सभी फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट करना पड़ गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले भी पिछले महीने इजरायल ने सीरिया के एयरपोर्ट को निशाना बनाया था। असल में इजरायल को लगता है कि ईरान अपने सभी समर्थित संगठनों को सीरिया के रास्ते ही हथियार सप्लाई करता है। इसीलिए वह इस रूट को ब्लॉक करने के लिए अक्सर सीरिया पर अटैक करता रहता है। दोस्तों आपको क्या लगता है कि क्या ईरान और इजराइल आपस में जंग की तैयारी करें?


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