कैसे प्रकट हुए भगवन शिव के 12 ज्योतिर्लिंग, रहस्यमयी सच | Mystery Of Shiv Puran’s 12 Jyotirlinga

दोस्तों पुरान में कहा गया की जब तक महादेव की 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन आप नहीं कर लेते तब तक आपका आध्यात्मिक जीवन पूरा नहीं हो सकता हिंदू मान्यताओं के अनुसार ज्योतिर्लिंग कोई साधारण शिवलिंग नहीं है !

गुरुओं और पुरान का कहना है की इन सभी 12 जगह पर भोलेनाथ ने खुद आकर दर्शन दिए थे जिस वजह से इन 12 ज्योतिर्लिंगों की कहानी और रहस्यमई हो जाती है ! अगर आपको भी इन ज्योतिर्लिंगों की कहानी जानी है तो इस article को आखिर तक जरूर padhein !

नंबर 1. सबसे पहले बात करते हैं सोमनाथ की, पुरान के हिसाब से यह भारत का सबसे प्रसिद्ध और बड़ा ज्योतिर्लिंग है गुजरात में स्थित सोमनाथ भक्तों की भक्ति का सेंट्रल है ! यह ज्योतिर्लिंग सिर्फ पवित्र नहीं बल्कि बहुत मूल्यवान भी है, इस ज्योतिर्लिंग को करीब 16 बार तोडा गया और फिर बनाया गया है सोमनाथ की कहानी भी काफी रोचक है ऐसा कहा जाता है की चंद्रदेव nirvacha दक्ष की सभी 27 बेटियों के साथ विवाह किया था लेकिन प्रेम सिर्फ रोहिणी से ही करते थे !

इस वजह से दक्ष की बाकी बेटियां हमेशा मायूस और उदास रहती थी जिसके चलते एक दिन राजा के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने चंद्रदेव को श्राप दिया की वे अपनी सारी चमक खो देंगे इस श्राप के असर से चंद्रदेव ने अपनी रोशनी खो दी और पुरी दुनिया अंधकार में डूब गई ! माहौल को बिगड़ा देख सभी देवताओं ने दक्ष से गुजारिश की की वो चंद्रदेव को माफ कर दें काफी kosisho के बाद दक्ष ने कहा !

अगर चंद्रदेव भगवान शिव की कठिन तपस्या करेंगे तो उनको अपनी रोशनी पुनः वापस मिल जाएगी इसके तुरंत बाद चंद्र ने घोर तपस्या की जिसके चलते भोलेनाथ प्रसन्न हो गए और चंद्रदेव को उनकी रोशनी वापस मिल गई यहीं से स्थापना हुई पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ की !

नंबर 2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग ! मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश में स्थित है पुरान के मुताबिक यह देश का दूसरा प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है इस ज्योतिर्लिंग की कहानी को पुराने समय में बताया जाता है की एक बार माता पार्वती और भगवान शिव भी एक दुविधा में फस गए थे दोनों इस बात को तय नहीं कर का रहे थे की पहले शादी गणेश भगवान की हो या कार्तिकेय की !

फिर दोनों ने मिलकर एक प्रतियोगिता का आयोजन किया प्रतियोगिता के अनुसार गणेश और कार्तिकेय में से सबसे पहले पुरी दुनिया का चक्कर लगाकर आएगा उसकी शादी पहले की जाएगी ! इसके तुरंत बाद कार्तिकेय अपने मोर पर निकल पड़े चक्कर लगाने के लिए वहीं गणेश ने माता पार्वती और शिव की इर्द-गिर्द एक चक्कर लगा लिया ! पूछे जाने पर गणेश ने कहा की उनके लिए उनके माता-पिता ही संसार है !

इसलिए उन्होंने उनका चक्कर लगा लिया ये सुन माता पार्वती और भगवान शिव इतने खुश हुए की उन्होंने गणेश का विवाह vishwarupan की दोनों बेटियों वृद्धि और सिद्धि से करवा दिया ! जिसके बाद ये देखकर कार्तिक को बहुत बुरा लगा और उन्होंने निर्णय किया की वो कभी शादी नहीं करेंगे इसके बाद भी श्री क्रंच पहाड़ की तरफ निकल पड़े और वहीं अपना आगे का पूरा जीवन बिताने का निश्चय किया जब माता पार्वती और शिव को इसके बारे में जानकारी मिली तो वो दोनों उनसे मिलने पहुंच गए और कोच पर्वत क्षेत्र के निवासियों के कल्याण हेतु भगवान शिव और माता पार्वती वही ज्योतिर्लिंग के रूप में बस गए

नंबर 3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पुरान के अनुसार यह भारत का तीसरा प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है यह ज्योतिर्लिंग उज्जैन के रुद्र सागर झील के पास बना हुआ है ऐसी मान्यता है की यहां कभी चंद्रसेन नाम के राजा का राज हुआ करता था वह भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था और वहां की जनता भी महादेव की पूजा किया करती थी !

एक बार राजा रेप दमन ने चंद्रसेन के महल पर हमला बोल दिया उसके साथ मायावी रक्षा दूषण भी था जो कभी भी गायब हो सकता था ! उस रक्षा ने वहां की प्रजा को खूब परेशान किया और पूरे महल को बर्बाद कर दिया तब वहां की प्रजा ने भगवान शिव को याद किया और मदद की गुहार लगाई !

 महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

ऐसा कहा जाता है की वहां स्वयं महादेव ने दर्शन दिए और वहां की प्रजा की रक्षा की इसके बाद उज्जैन के लोगों की प्रार्थना सुनकर भोलेनाथ ने तय किया की वे उज्जैन नहीं छोड़ेंगे इस प्रकार से उत्पन्न हुआ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

नंबर 4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग ! ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में स्थित है यह ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के पास शिवपुरी दूरी पर स्थापित है ओंकारेश्वर का अर्थ होता है ओम के भगवान पुराने के मुताबिक यहां पर एक बार देवताओं और असुरों के बीच बड़ा युद्ध हुआ था !

जिसमें उन्होंने देवताओं को हरा दिया था जिसके बाद सभी भगवानों ने भोलेनाथ से प्रार्थना की है की वो आएं और उनकी रक्षा करें देवताओं की गुहार को मानते हुए भगवान शिव वहां आए और उन्होंने वहां सभी रक्सन को मार गिराया इस तरह से वहां ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की स्थापना हुई

नंबर 5. वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग झारखंड में स्थित है प्रसिद्ध वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग ऐसी मान्यता की यहां पूजा करने से आपके सभी कासन का अंत हो जाता है इस ज्योतिर्लिंग की कहानी महान पंडित और अक्षय श्रवण से जुड़ी हुई है ऐसा कहा जाता है की एक बार दशानन हिमालय पर भगवान शिव की बहुत कठोर तपस्या कर रहा था तपस्या में वह बार-बार एक-एक कर अपनी सिरों को भगवान के चरणों में अर्पित कर रहा था जिसके बाद नौवा सर काटने की तुरंत बाद भोलेनाथ ने दर्शन दिए और रावण से कहा की जो वरदान मांगना है मांग लो !

तब रावण ने कहा की वह चाहता है की वह उसके साथ लंका नगरी चले और वहां जाकर स्थापित हो जाएं इस पर शिव ने रावण के सामने यह शर्त रख दी की शिवलिंग को उठाकर ले चलो जहां तुम इस शिवलिंग को रख दोगे मैं वहीं स्थापित हो जाऊंगा यह बात सुनकर सभी भगवान परेशान होकर विष्णु के पास गए जिसके बाद विष्णु ने एक लीला रचा और रास्ते में रावण को लघु शनकाई जिसके बाद उसने रास्ते में एक ग्वाली को शिवलिंग दे दी और उस ग्वाले ने शिवलिंग जमीन पर रख दी जिसके बाद शर्त के अनुसार शिव वही स्थापित हो गए अब आपको बता दें की ग्वाल रुप कोई और नहीं भगवान विष्णु ही थे !

नंबर 6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग यह ज्योतिर्लिंग पुणे के शहरी इलाके में स्थित है कहा जाता है की कुंभकरण के बेटे भीमा को जब यह पता चला की उसके पिता की मौत भगवान विष्णु ने राम के अवतार में की है तो वो बहुत गुस्सा हुआ जिसके बाद उसने खुद को बहुत कष्ट दिए और तब किया जिसके बाद भगवान ब्रह्मा उससे काफी खुश हुए और उन्होंने इसको काफी अस्त्र दे दिए !

जिसके बाद से ये पुरी दुनिया पर अत्याचार करने लगा जिससे दुखी होकर सभी देवताओं ने शिव से प्रार्थना की की वो उसको रोकें इसके बाद शिव और भीमा के बीच युद्ध हुआ और शिव ने भीमा का वध कर दिया फिर देवता की आग्रह पर वो वहीं रह गए ऐसे में यहां भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की स्थापना हुई !

नंबर 7. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग यह ज्योतिर्लिंग भारत में सबसे प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक है जो तमिलनाडु में स्थित है इस ज्योतिर्लिंग की कहानी को रामायण से जोड़कर देखा जाता है ऐसा कहा जाता है की जब राम सीता को ढूंढने निकले तो वो थक गए और उन्होंने सागर के किनारे आराम किया !

और जब पानी पीने के लिए सागर के पास गए तो वहां एक आकाशवाणी हुई की तुम मेरी इजाजत के बिना पानी नहीं पी सकते हो जिसके बाद राम ने वहां शिवलिंग की स्थापना कर पूजा की जिससे उनको शिव ने दर्शन दिए और उन्होंने शिव से विजय होने का आशीर्वाद मंगा फिर शिव वही स्थापित हो गए और ऐसे रामेश्वर ज्योतिर्लिंग की स्थापना हुई !

नंबर 8. घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित है इसको अहिल्याबाई होलकर ने बनवाया था ऐसा कहा जाता है की इस ज्योतिर्लिंग की कहानी एक शादीशुदा दंपति से जुड़ी हुई है सुधर्मा सुदेश की शादी अच्छी चल रही थी बस इनको कोई बच्चा नहीं था ! जिसकी वजह से सुदेश ने फैसला किया की सुधा धर्म की शादी उसकी छोटी बहन dushm से कर दी जाए !

जिसके बाद दोनों की शादी हुई और इनको बालक हो गया कुछ दिनों बाद यह बात सुदेश को पसंद नहीं आई और उसने बच्चे को झील में फेंक दिया जहां सुधर्मा ने 101 शिवलिंग भगवान को चढ़ाई थे यह खबर मिलते वहां पहुंचा और महादेव को याद करके अपना बच्चा मांगने लगा और कहते हैं भोलेनाथ ने उसकी पुकार सन ली सुधर्मा को उसका बच्चा लौटा दिया साथ ही उसने सुदेश के लिए माफी मांगी और महादेव से उसको माफ करने के कहा जिसको देखकर महादेव खुश हो गए और वहीं स्थापित हो गए ऐसे vishneshwar ज्योतिर्लिंग की स्थापना हुई !

नंबर 9. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग यह ज्योतिर्लिंग कृष्ण नगरी द्वारका में है ऐसी मान्यता की यह ज्योतिर्लिंग सभी प्रकार के जहर के प्रभाव से सुरक्षित है यह ज्योतिर्लिंग भी एक भक्त की कृपा से ही द्वारका में स्थापित हुआ !

कहा जाता है की एक बार दारूक नाम के रक्षा ने यहां महादेव की भक्त सुप्रिया और कई महिलाओं को बंदी बना लिया था , जिसके पास सुप्रिया ने सबसे कहा की ओम नमः शिवाय बोलो ये बात जैसे ही दारुक को पता चली तो वो सुप्रिया को मारने पहुंचा जिसके बाद वहां भगवान शिव ने पहुंचकर दारुक को मार दिया और इस तरह से नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की स्थापना हुई !

नंबर 10. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग यह ज्योतिर्लिंग बनारस में घाटों के किनारे में स्थित है यह पुरी दुनिया में प्रसिद्ध है ऐसा माना जाता है की यहां अगर कोई अपने जीवन की आखिरी सांस लेता है तो उसको सीधे मुक्ति मिल जाती है इस ज्योतिर्लिंग के बारे में कई कहानियां पर चलित है !

पर सबसे ज्यादा मणि जाने वाली कहानी विष्णु और ब्रह्मा के बीच के विवाद की है ऐसा कहा जाता है की एक बार ब्रह्मा और विष्णु में इस बात पर बहस हो गई की कौन बड़ा है जिसके बाद वहां इस विवाद को सुलझाने के लिए भगवान शिव पहुंच गए इन्होंने एक स्तंभ या कहा जाए तो एक ज्योतिर्लिंग का रूप ले लिया इसके बाद उन्होंने ब्रह्मा और विष्णु से उसके ऊपरी और निचले सिरे का पता लगाने को कहा ये बात सुनते ही ब्रह्मा स्तंभ का ऊपरी भाग खोजने और विष्णु भगवान निचले भाग खोजने निकल गए !

आखिरी में विष्णु भगवान ने तो अपनी हर मैन ली पर ब्रह्मा ने झूठ बोल दिया की उनको ऊपरी भाग मिल गया जिसके बाद शिव काफी गुस्सा हो गए और उन्होंने ब्रह्मा को श्राप दे दिया की कोई अब आपको दुनिया में कहीं नहीं पूछेगा जिसके बाद वहां शिव भगवान खुद काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के में स्थापित हो गए

नंबर 11. त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र की नासिक में है इसकी बहुत मान्यता भी है ऐसा कहा जाता है की इस ज्योतिर्लिंग के चलते ही गोदावरी नदी का अपना अस्तित्व है शिव पुराण के अनुसार कहा जाता है की यहां एक गौतम ऋषि हुआ करते थे उनको भगवान से वरदान मिला था की उनके पास कभी भी अनाज की कमी नहीं होगी लेकिन यह वरदान बाकी देवताओं को बिल्कुल पसंद नहीं आया !

जिसके बाद देवताओं ने उनके अनाज पर गौ छोड़ दी अनाज खत्म होते देख गौतम ऋषि ने उस गौ को मार दिया जिसके बाद उनको इस बात का काफी दुख हुआ और भगवान शिव की पूजा की तब महादेव ने गंगा देवी को कहा की वह ऋषि के इलाके से होकर निकले जिससे उनके सभी पाप धूल जाएं और साथ ही महादेव ने ऋषि गौतम को दर्शन भी दिए जिसके बाद ऋषि ने वहीं बसने की प्रार्थना की इस प्रकार से त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में स्थापित हो गए !

नंबर 12. केदारनाथ चारों धामों में से सबसे प्रमुख धाम माना जाता है इस पवित्र धाम में केदारनाथ ज्योतिर्लिंग स्थापित है ऐसा कहा जाता है की केदारनाथ में भगवान शिव सदैव के लिए निवास करते हैं इस ज्योतिर्लिंग के पीछे एक कथा काफी प्रचलित है ऐसा माना जाता है की ब्रह्मा के दो पुत्र थे नर और नारायण इन दोनों ने द्वापर युग में जन्म लिया था ये दोनों शिव के परम भक्त थे इन्होंने केदारनाथ में खुद का शिवलिंग बनाया था !

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग

और उसके सामने बैठकर ये खूब तपस्या किया करते थे, ऐसा भी कहा जाता है की वो शिवलिंग में भगवान शिव रोज दर्शन दिया करते थे ! एक दिन शिव भगवान इनसे काफी खुश हो गए और इनसे कोई भी वरदान मांगने को कहा जिसके बाद इन दोनों ने भगवान से सदैव यही बस जाने को कहा जिसके बाद शिव सदैव के वहां बस गए इस प्रकार केदारनाथ ज्योतिर्लिंग की स्थापना हुई आप इन ज्योतिर्लिंगों में से किस-किस के दर्शन कराए हैं हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं !

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